प्यार की उम्र बढ़ा देना

चलो हम कहीं चलते हैं,
किसी सफर पर निकलते हैं,
जमाना प्यार का दुश्मन,
जहाँ के पार चलते हैं ।

निशां अपने बना देना,
सफर की राह दिखा देना,
जो आना चाहे कोई पथ पर,
पता अपना बता देना ।

सिमट जाना तुम बिंदु में,
मुझे खुद में छिपा लेना,
वक़्त से तेज चलकर तुम,
प्यार की उम्र बढ़ा देना ।

कभी कोई तो ढूंढेगा,
सितारों में भी खोजेगा,
हाथ अपना हिला देंगे,
वहीँ से झिलमिला लेंगे ।

मौसम यहाँ भी बदलेगा,
जमाना प्यार समझेगा,
नया कोई रूप रखकर हम,
खुद को आजमा लेंगे ।

विजय कुमार सिंह

10 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/06/2016
    • विजय कुमार सिंह 03/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/06/2016
    • विजय कुमार सिंह 03/06/2016
  3. C.M. Sharma babucm 08/06/2016
    • विजय कुमार सिंह 08/06/2016
    • विजय कुमार सिंह 08/06/2016
    • विजय कुमार सिंह 17/06/2016
  4. davendra87 davendra87 17/04/2017

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