मेरा जीवन

मेरा जीवन

मेरा जीवन निरसता मय
सुखी सभी नजर आते हैं ।
हंसते-खिलते मुस्कुराते हुए
प्रसन्नतायुक्त नजर आते हैं ।
लेकर हंसी-खुशी का मंजर
और लेकर मैं सलोने सपने
निकला था एक दिन कभी
सुगम अनजाने पथ पर मैं
मुझे पता था क्या वहां पर
अंधड़ भूचाल भी आते हैं ।
मेरा जीवन निरसता मय
सुखी सभी नजर आते हैं ।
कंटक युक्त राहें बनी
अंधकार सा छाया हुआ
दुखों के बादल घिर आए
मन कंपित सा होने लगा
दस्तक दे दरवाजे पर
क्यों दुख अन्दर आ जाते है ।
मेरा जीवन निरसता मय
सुखी सभी नजर आते हैं ।

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  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 31/05/2016

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