वक्त्त

ये वक्त भी अजीब सितम धाटा है कभी गम तो कभी खुशी जिंदगी मे लाता है तो दूसरे ही पल मुस्कान सारी छीन कर चला जाता है कभी किसी को करीब लाता है तो कभी पल भर मे ही पराया कर जाता है इसीलिए तो शायद ये वक्त कहलाता है।

इसी वक्त ने हमे उनसे मिलाया पल भर की खुशिया देकर हमको खुब रुलाया,हमारी वक़्त से गुजारिश है की वो उनके होठो हमेशा मुस्कान ही लाये अगर हमारी साँसे भी रुक जाये तो भी उनके होठो की मुस्कान काम ना होने पाये खुदा करे की ये वक़्त कभी किसी को इतना ना तडपाये क्योंकि जब तड़प होती है तो दिल रोता आँखो के आंसू सूख जाते पर दिल मे तो फिर भी दर्द होता है अपने साथ छोड़ जाते है सिर्फ ओर सिर्फ दिल का दर्द साथ नही छोड़ता है जो सबसे करीब लगता था कभी,वो ही सबसे दूर होता है।

ये किस्मत का नही वक्त का खेल होता है ये किस्मत का नही वक्त का खेल होता है……

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