वर्षा की हरियाली

वर्षा की हरियाली

चारों तरफ छाई हरियाली
आई वर्षा की रूत मतवाली ।
मेघा बरसे झूमके झर-झर
खड़े फ ैलाये तरू अपने कर
जब गिरता है छम-छम पानी
चारों तरफ छाई हरियाली
चारों तरफ छाई हरियाली
आई वर्षा की रूत मतवाली ।
रूत का होता है अद्भूत नजारा
मनमोहक दृश्य लगता है प्यारा
धरा-मेघ मिलते देते हैं दिखाई ।
चारों तरफ छाई हरियाली
चारों तरफ छाई हरियाली
आई वर्षा की रूत मतवाली ।
आया वृक्षों पर नया यौवन
त्याग पुराने धारते नये वस्त्र
लगती है प्यारी धरा रंगीली
चारों तरफ छाई हरियाली
चारों तरफ छाई हरियाली
आई वर्षा की रूत मतवाली ।
नहाते धड़ल्ले से गलियों में
मासूम नंगे प्यारे-प्यारे बच्चे
होती प्रकृति की छटा निराली ।
चारों तरफ छाई हरियाली
चारों तरफ छाई हरियाली
आई वर्षा की रूत मतवाली ।

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