एक तेरी याद………

एक तेरी याद………..

कुछ कही अनकही सी पहेली हैे मेरी
जिंदगी के कुछ ऐसे मुकाम पे हूँ .
कुछ बातें दिल में ही रह जाती है अनकही …
ये मोहब्बत भी क्या चीज है ना खुद तो
चैन से रहती नहीं ना दूसरों को रहने देती हैं..

राहों में कई दफा चलने के बाद ,
ना मंजिल मिलती है ना ठिकाना…
बस मिलती है तो सिर्फ वही….
तेरी…..याद……

चाहता हूँ कुछ हासिल करलु जिंदगी में..
वहां भी कई दफा चलने के बाद ,
कुछ कम लगता..और वही…
आ जाती है एक सिर्फ ….तेरी याद
हे खुदा जिंदगी के कैसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है तूने .
एक वो जानकार भी अनजान है ,
और में वही …अनजान से कुछ उम्मीद लेके बैठा हूँ…
कुछ पाने की चाहत..कुछ कहने की ख्वाइश ..
अब तू ही बता कैसे बयां करू…..
बस एक तेरी याद ….

कुछ कही अनकही सी पहेली हैे मेरी..
सिर्फ वही बस….एक तेरी याद…
– मयूर सिंधा

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8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/05/2016
    • Mayur Sindha 30/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/05/2016
    • Mayur Sindha 30/05/2016
  3. mani mani 30/05/2016
    • Mayur Sindha 30/05/2016
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 30/05/2016
    • Mayur Sindha 31/05/2016

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