इश्क का दौर

वो भी क्या इश्क का दौर था ?
आँखों ही आँखों से बातें,
बड़ी मुश्किल से होती थी मुलाकाते,
कोई देख न ले, कोई सुन ना ले,
कोई साजिश का जाल बुन ना ले,
किसी और को कोई मेरे लिए चुन ना ले,
वो भी क्या इश्क का दौर था ?
बहाना मेले में जाने का, दूर से देख मुस्कुराने का,
मौका देखना पास आने का, चुरी उसके हाथो से खाने का,
साइकिल पे बैठा उसे घुमाने का,
करता है दिल फिर से उस पल को जीने का,
वो भी क्या इश्क का दौर था ?
ना जिस्मो की भूख, ना चेहरे का आकर्षण,
ना लिबासो से आती थी इत्र की खुशबू,
ना मोबाइलों का जोर,
ना थी सोच आज ये कल कोई और,
वो भी क्या इश्क का दौर था ?

8 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 29/05/2016
    • mani mani 30/05/2016
  2. Mayur Sindha 30/05/2016
    • mani mani 30/05/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 30/05/2016
    • mani mani 30/05/2016
  4. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 30/05/2016
    • mani mani 30/05/2016

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