में फिर से भूल गयी

में फिर से भूल गयी , जो तेरी बातें थी , जो तेरी यादें थी
आज फिर से वह किस्सा याद आया , मेरे जीवन का वह हिस्सा याद आया
तेरे साथ बिताए थे जो पल , उन् गुज़रे पलो का किस्सा याद आया
में फिर से भूल गयी , जो तेरी बातें थी , जो तेरी यादें थी

तेरी आँखों में मैँ रहती थी , तेरी आँखों से मैँ बहती थी
मैँ तेरी चन्द जैसी बेटी थी , तेरे रूप रंग के जैसी थी
फिर भूल गयी क्यों तू मुझे को , मैँ तोह तेरे दिल मैँ रहती थी
क्यों हुई सायानी तेरी गुड़िया , क्यों टूट गया ममता का पहरा
मैँ फिर से भूल गयी , जो तेरी बातें थी , जो तेरी यादें थी

मुझे किया तूने विदा , उस छेल छबीले बनके के संग
आपने दिल के टुकड़े को , भेज दिया उस प्यारे के संग
मैँ खुश हूँ बहुत , सुकून भी हैं , प्यार भरा है आँगन , चहहत का दमन भी है
पर तू नहीं है माँ , तेरी चन्द सी बेटी भी नहीं
मैँ फिर से भूल गयी , जो तेरी बटें थी , जो तेरी यादें थी

आँखों मैँ तू है , मेरी सांसो मैँ भी तू ही है , मेरे जीवन के हर पल और मेरी यादों मैँ भी तू ही है
माँ मुझे तेरी बहुत याद आती है , सांसे जैसे थम भी जाती है
तेरे आँचल की , तेरी हांथो की वह नरमी दिल को दहला जाती है
काश मैँ तेरी रहती , और तू सदा मेरी रहती , मगर इस दुनिया की इस रीती मे
मे फिर से भूल गयी ,जो तेरी बातें थी,जो तेरी यादें थी

8 Comments

  1. Richa Yadav richa 27/05/2016
    • tamanna tamanna 27/05/2016
  2. C.M. Sharma babucm 27/05/2016
    • विजय कुमार सिंह 27/05/2016
  3. विजय कुमार सिंह 27/05/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/05/2016
  5. yogesh kumar yogesh kumar 28/05/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 28/05/2016

Leave a Reply