मोहब्बत….

कुछ तो दम था मेरी मोहब्बत में……
ए सितमगर……जो तू देख न पायी……
कि फलक से बिजलियाँ तक उतर आईं….
आशियाँ मेरा जलाने को…..
\
/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

फलक = आसमान

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/05/2016
    • babucm babucm 28/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 27/05/2016
    • babucm babucm 28/05/2016
  3. डी. के. निवातिया dknivatiya 27/05/2016
    • babucm babucm 28/05/2016

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