कुछ कमी है मुझमे

कुछ कमी है मुझमे
कुछ भी तो अच्छा नहीं लग रहा
जिंदगी का कोताहल
कुछ इस कदर डरा रहा है मुझे
मानो अंधेरा ही अंधेरा
पर लड़ूँ कैसे
ज्ञान का प्रकाश साथ है
फिर भी डर लग रहा है
कुछ कमी सी लग रही है
कहीं न काही कमी है, मुझमे
उस सत्य की
उस शक्ति की
जो केवल और केवल
आत्मविश्वास से संभव है।

4 Comments

  1. babucm babucm 26/05/2016
    • संदीप कुमार सिंह संदीप कुमार सिंह 26/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/05/2016
    • संदीप कुमार सिंह संदीप कुमार सिंह 26/05/2016

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