कुछ हायकु और

कुछ हायकु और
…आनन्द विश्वास
1.
हमने माना
पानी नहीं बहाना
तुम भी मानो।
2.
छेडोगो तुम
अगर प्रकृति को
तो भुगतोगे।
3.
जल-जंजाल
न बने जीवन का
जरा विचारो।
4.
हँसना रोना
बोलो कौन सिखाता
खुद आ जाता।
5.
सुनो सब की
सोचो समझो और
करो मन की
…..आनन्द विश्वास

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/05/2016
  4. अरुण कुमार तिवारी arun kumar tiwari 16/06/2016

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