मैंने देखा

आज दिल सोचने पे हुआ है मज़बूर
की उन मासूमों का क्या होता है कसूर .
जो उन्हें वो खुशियां नहीं मिल पाती
जिनपे होता है अक्सर हमें गुरूर .

मैंने देखा है उनको रोते हुए
मैंने देखा है उनको बिलखते हुए ,
हर मोड पे अपनी खुशियों का
अभावों में दमन करते हुए.
मैंने देखा है उनको सिसकते हुए
अपने सपनो में जीते हुए ,
और अपनों को ज़िंदा रखने के लिए
उन सपनो को बेच पैसे कमाते हुए .
मैंने देखा है उनको सड़क पे चलते हुए
उस कड़ी धुप में मेहनत करते हुए ,
और अपनों की खुशियों के लिए
अपनी ज़िन्दगी की कुर्बानी देते हुए .
मैंने देखा है उनको मुसीबतों पे हस्ते हुए
हर मोड पे अपनी परेशानियों से झूझते हुए ,
पैसे और खाने की कमी में भी
भूखे पेट शान्ति से सोते हुए .
मैंने देखा है उनको जिन्दगी से हर पल लड़ते हुए
उनको अपने आप से जंग छेड़ते हुए ,
अपनी हर असफलता के लिए
खुद से हज़ारों सवाल पूछते हुए .

आज मिल जाती है कुछ लोगो को विरासत
में खुशियों की एक फुलवारी .
जाने क्यों उन्हें मिल जाती है बिना
मेहनत किये उनके सपनो की क्यारी ?

ना जाने किसने है बनाया ये
अमीरों और गरीबों का ये दस्तूर ?
आज दिल सोचने पे हुआ है मजबूर
की उन मासूमों का क्या होता है कसूर?

11 Comments

  1. ALKA प्रियंका 'अलका' 25/05/2016
    • Richa Yadav Man ki Awaaz 26/05/2016
  2. C.M. Sharma babucm 25/05/2016
    • Richa Yadav Man ki Awaaz 26/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/05/2016
    • Richa Yadav Man ki Awaaz 26/05/2016
  4. Vinaya Panicker 25/05/2016
    • Richa Yadav Man ki Awaaz 26/05/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/05/2016
    • Richa Yadav Man ki Awaaz 26/05/2016
  6. Kinshuk Yadav 22/07/2016

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