आपकी याद

आपकी याद

आज के सुहाने मौसम में भी
याद नही आती है आपकी ।
मुझे है नौकरी की चिन्ता
मन मेरा उदास है लगता
शरीर बना है मेरा चिता
फि र क्यों होगी मेरे मन पर
बरसात आपकी इन जुल्फों की ।
आज के सुहाने मौसम में भी
याद नही आती है आपकी ।
क्या करूं क्या ना करूं
सोच कर इन छोटी बातों को
मन रोना कर देता है शुरू
सोचती हो तुम बस यही
याद आए हमेशा मुझे आपकी ।
आज के सुहाने मौसम में भी
याद नही आती है आपकी ।

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/05/2016

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