सफेद चांद

सफेद चांद

धवल चन्द्र रात्रि में
आए जब श्वेत मेघों पे ,
देखते ही बनता है नजारा
चांदी जैसा मेघ चमकता
लगता है बड़ा ही प्यारा ।
खो जाता हूं मनोहर दृश्य में ।
धवल चन्द्र रात्रि में
आए जब श्वेत मेघों पे ।
चंचल चितवन पंछी चकोरा
देख्र चांद का रूप वो गोरा
नजर कभी ढूंढने न देता
घूरे बैठ अथक डाल पे ।
धवल चन्द्र रात्रि में
आए जब श्वेत मेघों पे ।
चांदी जैसे चमक रहे
तोतिया तरूओं के पत्ते
चंपा जूही के तरूओं पर
खिले श्वेत फूलों के गुच्छे
धवल चन्द्र रात्रि में
आए जब श्वेत मेघों पे ।
ऐसा मनोहर चित्र प्यारा
शायद ना हो कोई दूसरा
देख कर करता अभिनन्दन
फि र आंखें बंद कर ऊतारूं मन में
धवल चन्द्र रात्रि में
आए जब श्वेत मेघों पे ।

3 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 25/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/05/2016

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