प्यार के पंछी

बात निकली है तो दूर तलक जाएगी,
कोशिशों के बाद भी रुक नहीं पायेगी ।
किस्से मोहब्बत के हर युग में रहेंगे,
प्यार के पंछी सितम सारे ही सहेंगे ।
जब भी आजमाता थक जाता है जमाना,
प्यार को आता है बस गाना-गुनगुनाना ।

विजय कुमार सिंह

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/05/2016
  2. babucm babucm 25/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 25/05/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/05/2016

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