चल-चला-चल

चल-चला-चल, चल-चला-चल, तू चलता चल।
ज़ीवन ही तो कठिनाई है, पर बढ़ता चल।
चलना है तो चलना है ,तुझे हर पल-पल।
छोटा जीवन करम नेक ,तो करता चल।
चल-चला-चल, चल-चला-चल, तू चलता चल।
कठिन रास्ते हैं ,पर कठिनाई से मत तू हिल।
पड़े रास्ते कई ,तो अपनी मति मति चल।
कई रास्ते में से कोई तू एक पकड़ ,पर चलता चल।
एक सूध तू बस पकड़ ले, निकलेगा तेरा हल।
चल-चला-चल, चल-चला-चल, तू चलता चल।
इस पथ पर कुछ नेक मिले, तो तू मिलकर चल।
कुछ मिलेंगे भ्रष्ट, सुध दे और क्या बढ़ता चल?
संकट पैदा करें, पर तू इनसे मत खल।
लोग जले जलने दे, पर तू अनदेखा कर चल।
चल-चला-चल, चल-चला-चल, तू चलता चल।
तू चलेगा देश चलेगा, निकल सकता है हल।
उन्नति ,समृद्धि तुम्हीं से, और इसे विकसित करता चल।
तुम देश ,देश तुम से , तू और सुरक्षित करता चल।
बूँद -बूँद से घड़ा भरा है , और इसे तू भरता चल।
चल-चला-चल, चल-चला-चल, तू चलता चल।
सर्वेश कुमार मारुत

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 25/05/2016
  3. babucm babucm 25/05/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/05/2016
  5. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 25/05/2016

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