बस यही सच होगा

सच तो बस इतना था
तुम आई, ठहरी,
खुद का वास्ता दिया
अनचाहे मन से लौट गयी ।

सच तो बस इतना है
मैं तलाश में आया हूँ
तुम्हे देख रहा हूँ
तुम खुद में भी नहीं दिख रही हो
मैं लौटने को विवश हूँ ।

सच तो बस इतना होगा
हम फिर सफर पर निकलेंगे
न तुम खुद का वास्ता दोगी
न मैं तुममे तुम्हे खोजूंगा
न झिझक होगी न भय होगा
तुम मुझमे रहोगी मैं तुममे रहूँगा
बस यही सच होगा ।

विजय कुमार सिंह

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/05/2016
  2. C.M. Sharma C.m. sharma(babbu) 23/05/2016
  3. Abhishek 27/05/2016

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