ऐ खुदा तू भी आ,

ऐ खुदा तू भी आ,
मेरे बस्ते का बोझ उठा,
सुबह स्कूल, शाम को टूशन,
रात को इंग्लिश, हिंदी, मैथ,
तू भी अपने माँ-पिता को पढ़ के बता,
ऐ खुदा तू भी आ….
सुबह-सुबह कभी प्यार से,
कभी गुस्से से उठने की जल्दी,
किताबो को ढूंढ बैग में भरना,
बे मन दूध पीने की गलती,
ऐ खुदा तू भी आ…..
आज ना आये गणित का अध्यापक,
मन ही मन प्रार्थना करना,
पिछली सीट पे बैठ,
याद ना किये कुछ सवालो से डरना,
ऐ खुदा तू भी आ….
आधी छुट्टी के इंतज़ार में,
खुद को डिब्बा खाने से रोक के बता,
रह गयी कॉपी घर पर,
तू भी अच्छा सा कोई बहाना सुना,
ऐ खुदा तू भी आ…..
कभी बेंच पर खड़े हो,
बेत से पिटाई तू भी खा के बता,
आये जीरो इम्तिहान में,
तू भी पापा से हस्ताक्षर करवा के दिखा,
ऐ खुदा तू भी आ…..
पापा मुझे वैज्ञानिक, माँ मुझे डॉक्टर,
रिश्तेदारों का जोर चले,
जाने मुझे क्या से बना दे ?
प्रतियोगिया का दौर है,
खेल-कूद में क्या रखा है ?
कह मुझे हर कोई किताब थमा दे,
ऐ खुदा तू भी आ…..
बचपन क्या है ? मुझे क्या मालूम ?,
किताबो में जो लिखा उसे सिर्फ पढ़ना है,
अच्छा इंसा बनू या ना बनू,
मुझे तो बड़ा अफसर बनना है,
ऐ खुदा तू भी आ……

8 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/05/2016
  2. mani mani 23/05/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 23/05/2016
    • mani mani 23/05/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/05/2016
    • mani mani 23/05/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/05/2016
    • mani mani 24/05/2016

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