नशा…………


नशा कुछ ऐसा है उसकी नजरो मे
जिसे पर पडे मदहोश कर डाले ।
मय भी झूमने लगती है मयकदे मे
बोतलो को भी बेहोश कर डाले ।।


सुना है आजकल मयखाने सूने पडे हे
कोई आता जाता नही उधर ………..
बस तेरे मुहलले मे रोनक-ऐ-आम है
जैसे हर रात ईद कि चॉंद रात हो …..।।



डी. के. निवातियॉ________@

8 Comments

  1. C.M. Sharma C.m. sharma(babbu) 22/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/05/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 22/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/05/2016
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 23/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/05/2016

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