दोष किसका “सच्ची दास्ताँ”

माँ बाप की लाडली थी मै
थी उनके अरमानों की बेटी
उनके आँगन में पली बढ़ी
रूह में उनको थी समेटी।।

यौवन ने दी दस्तक छुपकर
जगे नए सपने, नयी उम्मीदें
रूह भी अगड़ाई लेने लगी
पढ़ते लोग जब जवाँ कसीदें

अचानक रंगमंच की दुनिया
में मैंने बढाया अपना कदम
मुलाकात हुयी कवि से जो
पा न सके थे कोई हम दम

उनकी उम्र थी दुगुनी मुझसे
देख उनको आसक्ति न आई
पर मै थी उनकी हर कविता
यह रहस्य मै समझ न पाई

मुझे पसंद थी उनकी कविता
उनकी इज्जत भी करती थी
पर उनको हमसफ़र बनाने की
कतापि सोच नहीं सकती थी

मंशा भाप मै दूर हो गयी उनसे
बीमारी का सन्देश भिजवाया मुझे
देखने गयी तो गिर पड़े पैरो पर
भावना देख कुछ न सुझा मुझे

रोरोकर बोले-
बिन तेरे मै अब रह न पाउँगा
तू है मेरी कविता मेरी गजल
तू ही एक मात्र जीने का अर्थ
बन मेरा, करो जीवन सफल

अपनी सारी वाक्य चापलता
मेरे नस नस में डुबोने लगे
जज्बाती भय दोहन से मेरे
मन मष्तिष्क में खोने लगे

मै नारी, भावना में बह गयी
कुचल दी अपने अरमानों को
माँ बाप की भी नहीं सुनी मै
भूल गयी खुद के तरानों को

एक महिला मित्र थी उनकी
जिन्हें दीदी कहके बुलाते थे
जिस्मानी प्रेम करते थे उनसे
पर दुनिया को मूढ़ बनाते थे

मेरे साथ वासना का रिश्ता
हर पल उनके साथ बिताते
जब करती थी विरोध मै तब
मुझ पर हाथ उठाते चिल्लाते

बोलते, तूम पत्नी हो मेरी पर
नहीं रख सकती यूँ मुझे जकड़
मै किसी और के साथ रहता हूँ
क्योकि
तुझे साहित्य की न कोई पकड़

शादी की बस इज्जत खातिर
और न कोई तुझसे अरमान
साहित्य से मिलती प्रतिष्ठा
और तुझसे बनती मेरी शान

अब मै केवल भोग की वस्तु
एक सजावट की हूँ सामान
मन फड़ फडाता है मेरा अब
बिखर गए दिल के अरमान

बंजर भूमि में फूल खिलाने की
मै हर संभव कोशिश करती हूँ
जो रिश्ता मर चूका है उसे अब
सड़ी लाश की तरह घसीटती हूँ

क्यों दुनिया कहती है औरत ही
दो खानदानो की होती इज्जत
घर बचाने और बसाने की हर
माँ बेटी को ही देती नसीहत

क्यों किसी का घर टूटता है तब
दुनियाँ हमे कटघरे में खड़ा
करती है
शादी और गृहस्थी की गाड़ी
तुम्हे भी चलानी है
क्यों माँ अपने बेटे से नहीं
कहती है
……
✍सुरेन्द्र नाथ सिंह “कुशक्षत्रप”✍

15 Comments

  1. babucm C.m. sharma(babbu) 22/05/2016
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    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  4. Kajalsoni 22/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 22/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  6. bebak lakshmi bebak lakshmi 22/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/05/2016
  7. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 23/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/05/2016

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