दलितों के फिक्रमंद

आजमगढ़ और केरल की घटना पर दलितों के दोगले फिक्रमंदों पर मेरी पंक्तियाँ

——-दलितों के फिक्रमंद——-

वेमुला की वेदना ने जिन्हें झकझोर दिया
अब वो कहाँ पे दलितों के फिक्रमंद हैं?
टीना टॉपर पे सबको ही गरियाने वाले
उछले जो कहाँ दलितों के फिक्रमंद हैं?
दलितों के घर, बेटियों पे मोमिनों के
अत्याचारों पे क्यों मूक दलितों के फिक्रमंद हैं?
“आग” कहे ये हैं वोटबैंक के दलाल और
दोगले ही सारे दलितों के फिक्रमंद हैं

कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह “आग”
9675426080

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