तस्वीर

तस्वीर में उनकी छिपी उलझन भी है संसय भी
जैसे कोई यौवन की कविता खुशमय भी हो गममय भी

विजय कुमार सिंह

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/05/2016

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