तलाश रही हूं खुद को 

तलाश रही हूं खुद को  
कौन हूं ‘मैं’
‘मैं ‘ हूं ‘मैं ‘ या 
बस हूं नाम की ‘मैं ‘
वजूद है मेरा कोई या 
बिन वजूद की हूं ‘मैं’
तलाश रही हूं खुद को  
कौन हूं ‘मैं’
‘मैं ‘ हूं ‘मैं ‘ या 
बस हूं नाम की ‘मैं ‘

‘मैं ‘ में हूं कहां ‘मैं ‘
जाने कहां खो गई ‘मैं ‘
खो गई या थी ही नहीं ‘मैं ‘
सपना थी या कोई खिलौना हूं ‘मैं ‘
जो बिन चाभी के चलता है और 
अपने मालिक के ढंग में ढलता है 
तलाश रही हूं खुद को  
कौन हूं ‘मैं’
‘मैं ‘ हूं ‘मैं ‘ या 
बस हूं नाम की ‘मैं ‘

अपने होने का मतलब 
अब तक न जान पाई हूं 
अपने वजूद को 
अब भी न पहचान पाई हूं IMG_20151030_132537
अपनापन चाहा था जो 
अब भी न मिल पाया है 
अपने वजूद की तलाश ने 
आज फिर मुझे रुलाया है 
तलाश रही हूं खुद को  
कौन हूं ‘मैं’
‘मैं ‘ हूं ‘मैं ‘ या 
बस हूं नाम की ‘मैं 

11 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/05/2016
    • bebak lakshmi bebak lakshmi 19/05/2016
  2. babucm babucm 19/05/2016
    • bebak lakshmi bebak lakshmi 19/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/05/2016
  4. bebak lakshmi bebak lakshmi 19/05/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 19/05/2016
  6. bebak lakshmi bebak lakshmi 19/05/2016
  7. bebak lakshmi bebak lakshmi 19/05/2016
  8. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 20/05/2016
  9. bebak lakshmi bebak lakshmi 20/05/2016

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