बदलते रहते है

अपने जिन्हे अपना कहे, अपने बदलते रहते है
लहरो से टकराकर, जैसे गिरते सहलते रहते है
कोन देता है किसी को, उम्र भर का सहारा
यहाँ जनाज़े मे भी लोग कंधे बदलते रहते है||

http://shivduttshrotriya.blogspot.in/2016/05/blog-post_18.html

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/05/2016
    • shivdutt 18/05/2016
  2. C.M. Sharma C.m. sharma (babbu) 18/05/2016
    • shivdutt 19/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/05/2016

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