” एक खत 8″

प्रेमी –
वो वक्त लौट आता काश जो गवा दिये हमने अश्क बहाने मे,
तुम्हे पागलो की तरह खत लिखते रहे,
वक़्त सारे बित गए तुम्हे दिल के अरमान सुनाने मे,
महज इतनी मुश्किले न थी प्यार निभाने मे ,
शायद लगी है जितनी मुश्किले तुम्हे भुलाने मे ।।

प्रेमिका –
मुझे भूलने की कोशिश तो सिर्फ तुम्हारी थी ,
तुम्हारी मोहब्बत मे तो जान भी बसी हमारी थी ।
तुमसे ही सिखा मैने प्यार करना ,
अगन इस दिल मे लगायी तुमने,
सिखा तुम्ही से सावन मे भी जलना ।
मुझे भुलाने की महज तुम कोशिश भी मत करना,
हर ऑधियो से लड़ कर आउंगी मै ,
तुम्हारी चाहत के लिए,
मुझे तो है बस तुम्हारे साथ चलना । ।

काजल सोनी

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/05/2016
  3. Kajalsoni 19/05/2016
  4. babucm C.m. sharma(babbu) 19/05/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 19/05/2016

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