चेतावनी

चेतावनी

आज अल सुबह का मौसम
गुमसुम सा अलसाया मौसम,
दे रहा है यह चेतावनी
शायद आज कोई विपदा
आने वाली है बहुत बड़ी ।
पेड़ चुपचाप निश्चल से
पक्षी बैठे चुप्पी साधे
हवा भी सांस मात्र कम
तन को जैसे गर्मी लागे ,
मन हुआ विचलित ये कैसे
कैसी तीव्रता सांसों में बढ़ी ।
शायद आज कोई विपदा
आने वाली है बहुत बड़ी ।
सुबह जो होती थी चहचाहट
आज वो वाणी मौन है क्यों
पशुओं ने चारा छोड़ दिया
आज उन्हें भूख नही है क्यों
या उपवास है इनका कोई
या फि र इनकी बैचेनी बढ़ी
शायद आज कोई विपदा
आने वाली है बहुत बड़ी ।
मेरा मन भी आज न जाने
क्यों इतना घबरा रहा है
आने वाली विपदा का ये
संकेत दे सब समझा रहा है
उठ कर बांध क बंध तु अपनी
लडऩे की कर विपदा से तैयारी।
शायद आज कोई विपदा
आने वाली है बहुत बड़ी ।

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  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/05/2016

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