टूटा हुआ पत्ता

टूटा हुआ पत्ता

तेज हवा के झोंको में
झिरमिर करते पात ।
एक-दूसरे को सहारा देते
पर नही होते कभी साथ ।
इनकी ऐसी खुशहाली पर
खुश न होती हवा हठीली
मिलकर रहता देख इन्हें
चलती रहती तेज चाल
तेज हवा के झोंको में
झिरमिर करते पात ।
एक बार कुछ ऐसा हुआ
एक पता डाल से गिरा
ले अपने आगोश में
मन में थी उसके मुस्कान
तेज हवा के झोंको में
झिरमिर करते पात ।
उस हवा की ऐसी दशा
कहने लगा फि र वह पत्ता
तुझ सा नही दुष्ट कोई
अपनों से किया तुने जुदा
तेज हवा के झोंको में
झिरमिर करते पात ।
सुनकर फि र हवा बोली
तुने सारा भेद है खोला
कर के तुने ऐसा काम
खोल दी तुने मेरी आंख ।
तेज हवा के झोंको में
झिरमिर करते पात ।
घुमा चारों ओर फि र
खा एक ऐसा चक्कर
लेजाकर उस प्यारे पत्ते को
अपनों से दिया मिला ।
तेज हवा के झोंको में
झिरमिर करते पात ।
ज्ञान कुछ सीख लो
शिक्षा दूसरों को ऐसी दो
आंखें खुल जायें उनकी
ताकि करें ना गलत काम ।
तेज हवा के झोंको में
झिरमिर करते पात ।

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