क्यों दूर हैं

लोग अपनों से हुये , क्यों दूर हैं |
लोग अपनी मस्ती में क्यों चूर हैं |
भावनाओं को समझते हैं खिलौना,
लोग अपनी बस्ती के क्यों क्रूर हैं |
आदेश कुमार पंकज

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