मेरा जीवन

मेरा जीवन

मेरा जीवन निरसतामय
सुखी सभी नजर आते हैं,
हंसते खिलते मुस्कुराते हुए
प्रसन्नतायुक्त नजर आते हैं ।
लेकर हंसी खुशी का मंजर
और लेकर मैं सलोने सपने
निकला था एक दिन कभी
सुगम अनजाने पथ पर मैं
मुझे पता था क्या वहाँ पर
अँधड़ भूचाल भी आते हैं।
मेरा जीवन निरसतामय
सुखी सभी नजर आते हैं।
कंटकयुक्त राहें बनी
अँधकार सा छाया हुआ
दुखों के बादल घिर आये
मन कंपित सा होने लगा
दस्तक दे दरवाजे पर
क्यों दुख अन्दर आ जाते हैं ।
मेरा जीवन निरसतामय
सुखी सभी नजर आते हैं ।

2 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 17/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/05/2016

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