यह सियासत

आदमी को आदमी से , है लड़ाती यह सियासत |
रक्त निर्दोषों का हर दम, है बहाती यह सियासत |
नफरतों के बीज बोती , हर नगर , हर गांव में ,
खुशनुमा , बस्ती को , है जलाती यह सियासत ||
आदेश कुमार पंकज

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/05/2016
  2. C.M. Sharma babucm 17/05/2016
  3. mani mani786inder 17/05/2016
  4. Sukhmangal Singh sukhmangal 18/05/2016

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