प्रेम की सीख………… (मुक्तक )


इस ज़माने की रीत हमे कुछ समझ न आई
सब देते प्रेम की सीख खुद किसी ने ना पाई
प्रेम को कब किसी ने यंहा सहर्ष स्वीकारा है
किया क़त्ल युगलों का देकर इज़्ज़त की दुहाई !!

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डी. के. निवातियाँ ____________@

10 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/05/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 16/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/05/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/05/2016
  4. C.M. Sharma babucm 17/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/05/2016
  5. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 18/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/05/2016

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