मौसम की तरह ….

मौसम की तरह ….

मेरा इश्क़ निखर गया
मौसम की तरह
मेरा नूर बिखर गया
जादू की तरह

जा बसी तुझमे मैं
खुशबू की तरह
खो गया तू मुझ में
सपनो की तरह

बह चले हम तुम
बादल की तरह
खामोशियाँ भी सुन लीं
धड़कन की तरह

गुनगुनाया गीत नया
बेफिक्रो की तरह
बंध गए डोर से
साँसों की तरह ..

–स्वाति नैथानी

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 16/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/05/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/05/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/05/2016

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