कदम – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कदम

रोके से ना रुके उनके कदम
जो उठे थे वापिस जाने के लिए ……………..
पर जब दिल ने दिल को पुकारा
तो वो सीने से आकर लिपट गए …………….

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 15/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 15/05/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 15/05/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 15/05/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 15/05/2016
  6. babucm babucm 16/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 16/05/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/05/2016
  8. sarvajit singh sarvajit singh 16/05/2016

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