गुरु मिथ्यावचन

दुनिया पर छा जाने के सपने देखने वाले सच की,
कठिनाई ये है ,
कि उसे झूठ का कोई नॉलेज नहीं है।
सच पर भाषण तो सभी देते है,
मगर उच्च कोटि का झूठ सिखाने वाला
कोई कॉलेज नहीं है।
अब संकट के निवारण हेतु,
सत्य ने जुगत भिड़ाई।
और गुरु मिथ्यावचन से ज्ञान पाने के लिए,
अपनी ऑनलाइन एडमिशन कराई।
सुना था कि गुरु मिथ्यावचन झूठ के,
प्रकांड विद्वान माने जाते है।
और अकिंचक सत्य की भांति छात्र,
उनसे प्रैक्टिकल ट्यूशन लेने आते है।
कक्षा में प्रवेश करते ही,
सत्य ने यहाँ वहां दृष्टि दौड़ाई।
तो अनायास ही कक्षा में,
असख्य भौतिक वस्तुए पाई।
सत्य ने प्रश्न किया,
कि ज्ञान की कक्षा में भौतिक वस्तुओं का क्या प्रयोग ?
गुरुजी ये गूढ़ रहस्य समझने में करें सहयोग।
गुरु ने सत्य के,
ज्ञान चक्षु खोले।
फटोग्रफिक स्माइल देकर,
ब्रम्ह वाक्य बोले।
बगैर इन संसाधनो के,
प्राणी मात्र की कहाँ सुरक्षा।
और ये बता मुर्ख कि किसने कहा,
ये है कोई कक्षा ।
सत्य बोला गुरुवर कोई घपला है,
कोई बहुत बड़ा हुआ है भ्रम।
पुरे आठ हज़ार दे के एडमिशन कराया,
क्या वो भी है झूठ सिखने को कम ?
वो आपके वेबसाइट पर,
मनभावन वादे करता हुआ,
आपका चित्र कितना क्यूट था ।
मिथ्यावचन ने सत्य को बहार निकाल कुण्डी लगाई,
और खिड़की से बोले,
वत्स वो सब झूठ था,
वो सब झूठ था ।।

3 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 15/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/05/2016
  3. chandan sharma 15/05/2016

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