तेरी याद साथ हो गई

शहर से निकला में गाँव गाँव चला,
तु नही मगर तेरी याद साथ हो गई।

सुनी जिससे कभी परियों की कहानी
आज फिर उस बुढ़िया से मुलाकात हो गई।

जोङकर नाम किसी का करते है बदनाम मुझे
वो,अब तो बदनाम होना भी पुरानी बात हो गई।

कौन जीता किसको खबर, शहर में रही
यही चर्चा कैसे “उज्जवल” की मात हो गई।

फिर करेंगे तुमसे मुलाकात इक नई सुबह में
आने लगी है नींद सी, लगता हैै रात हो गई।

2 Comments

  1. Yash 13/05/2016
    • Aarav 14/05/2016

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