राजनीति का खेल

हम क्यों राजनीति में घुस जाते है l
राजनीति पार्टी को दिल से लगाते है ll
पार्टी कोई भी हो वो रंग जाती है l
वो सिर्फ अपनी कुर्सी बचाती है ll

राजनीति तो शतरंज की बिसात है l
इसको समझ पाना टेढ़ी बात है ll
ये आज लड़ते है फिर मिल जाते है l
हम यू ही आपस में लड़ते जाते है ll

मत छोड़ो दिलो में राजनीति की छाप l
वो कांग्रेस हो बीजेपी हो या हो आप ll
हमारे भूखे पेट को ये नेता नहीं भरेंगे l
ये तभी भरेंगे जब हम मेहनत करेंगे ll

आओ प्रण लो ……………….

आज से हमारा ना हो कोई पार्टी निशान l
समाज सेवा से खुद बनाओ अपनी पहचान ll
जिस दिन हम सभी ये बात समझ जायेंगे l
ये नेता हमारे जज्बातों से खेल नहीं पाएंगे ll

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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/05/2016
  2. mani mani786inder 13/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/05/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/05/2016

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