पैसे का लालच

“THE DANGERS OF GREED”

‘कभी कभी इन्सान इतना गिर जाता है।
अपनों की दौलत पाने के लालच में अपनों को ही दगा दे जाता है।
पहले तो वो वशीकरण की नीति अपनाता है,
यदि वश में कर लिया, तो दोनों हाथ में लड्डू पाता है,
उसको उसके ही करीबियों के खिलाफ भड़काता है,
और जब वो अकेला पड़ जाता है,
तो मीठी छुरी चलाकर, उसको धीरे धीरे तबाह कर देता है।
और यदि वश में न कर पाया, तो अपराध् करने पर उतर जाता है।
और अपनों का खून बहाने से भी नहीं कतराता है।
हाय, ये वो कैसे भूल जाता है, कि अपनी मेहनत से कमाया हुआ धन ही काम आता है।
वाकी झूठ,मक्कारी और धोखे से कमाया पैसा उसको नरक का द्वार ही दिखाता है।
और भगवान के कोप से नहीं बचा पाता है।”
By:Dr Swati Gupta

3 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/05/2016
  2. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 13/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/05/2016