हरियाली

हरियाली

फूलों की रानी
बहारों की मल्लिका
आज आई है चलकर
मेरे घर पर
चेहरा है खिला-खिला।
मुस्कान में छाए मोती
हरे रंग की बाँधी है धोती
पैरों में बिखरे चमकीले मोती
नाक में पहने सोने की नथनी
एक हाथ में टेशूं का फू ल
दूसरे हाथ में लिये करधनी
होठों पर लालिमा छाई है।
ऐसे प्यारे मौसम में
स्वयं हरियाली चलकर पैरों पर
मुझसे मिलने आई है।

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