” एक खत “

प्रेमी –
ये खत नही एक अहसास है जो मैने तुम्हारे नाम लिखा ।
जिस दिन से दिल लगाया तुमसे,
एक बार नही बार – बार लिखा ,
जी तो चाहता था सब कुछ गवा बैठु तुझपर ,
पर गंवाने को दिल के सिवा कुछ भी न था ।
प्यार भरे इस खत पे मैंने दिल के सारे अरमान लिखा,
तु चाहे न चाहे पर ,
ये खत मैंने तुम्हारे नाम लिखा । ।

प्रेमिका –
तुम्हारा ये खत जो हर नब्ज याद दिलाती रही ,
दुनिया की अंधेरी रातो मे इक आग सी जलाती रही,
कैसे भूल जाती तुम्हारी मोहब्बत को ,
जो मुझे हर पल ,हर लम्हा , मुझसे ही दुर ले जाती रही ।
माना कि खत की जुबा से तुमने हमे ये फरमान लिखा,
हमने तो जिंदगी ही तुम्हारे नाम लिख दी ,
जब से तुमने ये खत मेरे नाम लिखा ।।

काजल सोनी

13 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 13/05/2016
  2. Kajalsoni 13/05/2016
  3. आभा आभा 13/05/2016
    • Kajalsoni 26/09/2016
  4. mani mani786inder 13/05/2016
    • Kajalsoni 26/09/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/05/2016
    • Kajalsoni 26/09/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/05/2016
  7. Kajalsoni 13/05/2016
  8. Kajalsoni 13/05/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/05/2016
  9. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 16/07/2017

Leave a Reply