वहम…

न जाने कब का निकल चुका है वो….
एक झोंके की तरह आया और गुज़र गया वो…
फिर भी क्यूँ वहम सा हो गया मन को….
टीस सी उठती है..तो लगता है के दिल में है वो….
\
/सी.एम. शर्मा (बब्बू)

8 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/05/2016
    • babucm babucm 13/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/05/2016
    • babucm babucm 13/05/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/05/2016
    • babucm babucm 13/05/2016
  4. mani mani786inder 12/05/2016
    • babucm babucm 13/05/2016

Leave a Reply