आत्मविश्वास

ज़िंदगी से लड़ने की क्षमता हो मुझमे ,
हर पल आगे बढ़ने की ललकता हो मुझमे |
उस ख़रगोश की तरह फुर्ती ना सही ,
पर उस कछुए की तरह निरंतरता हो मुझमे |
जब भी लडू मैं इस ज़िंदगी से ,
झांसी की रानी और महाराणा सा शौर्य हो मुझमे |
कदम मेरे कभी पीछे ना हटे ,
इतना खुद का खुद पर जोर हो मुझमे |
चलने को तो सब चल रहे है ,
पर सबको साथ लेकर चलने का जोश हो मुझमे |
खुद को इतना सफल बना लू ,
की देश को सफल बनाने का बोझ हो मुझमे |

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/05/2016
    • gayatri dwivedi 12/05/2016
  2. babucm babucm 12/05/2016
    • gayatri dwivedi 12/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/05/2016
  4. मनीष मालवीय 17/05/2016

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