विरासत

विरासत

एक गरीब की लाठी
और उसकी धरोहर
मां-बाप से मिली
विरासत——–
विरासत में क्या
एक टूटी खाट
दो-चार मिट्टी के बर्तन
एक तिडक़ी कांसे की परात
टूटी छितरी झोंपड़ी
उजाला तिनकों से झांकता
मिट्टी लूणी से गिली
तरह-तरह के कीटों से फू ली
एक जो थी आंखों की ज्योति
ओर आश था एक बेटा
गरीबी से तंग आ ले भागी
उस कंगाल गरीब को वह
और कंगाल बना भागी
उसके विरह वियोग में
उस संवाके व्यक्ति ने
अपनी धरोहर आंखें गंवा ली
कभी सब अंगों का धनी था जो
आज कंगाल बन फि र रहा
वह एक धनी की कुल्टा पत्नी
एक कंगाल को छोड़
दूसरे अमीर ———-
शराबी के साथ भागी ।

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  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/05/2016

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