अये वक़्त ! इक अर्ज़ी है तुझसे

अये वक़्त ! इक अर्ज़ी है तुझसे
कभी तो बता दे अपनी मर्ज़ी मुझसे …..!!!!
तू कब खुशियों की बरसात देने वाला है
और कब गम में तू मुझे डुबाने वाला है !!!!!
तू कब मेरी कश्ती को किनारा देने वाला है ‘
और तू कब मेरी कश्ती डुबाने वाला है..!!!!
अये वक़्त ! इक अर्ज़ी है तुझसे
कभी तो बता दे अपनी मर्ज़ी मुझसे …..!!!!

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  2. C.M. Sharma babucm 11/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/05/2016
    • Ankita Anshu Ankita Anshu 27/06/2016

Leave a Reply