विचित्र बीमारी – शिशिर मधुकर

हम सब कवि मित्रों की प्रायः एक विचित्र बीमारी है
जिसके आगे नतमस्तक हो कर सारी दुनियाँ हारी है
इनकी रचनाओं को अगर भोला श्रोता मिल जाता है
पेट भरे पर भी फ़िर ये उसको कविता पान कराता है
कुछ को तो एक राष्ट्र कवि बन जाने के सपने आते है
कोई कोई तो अपने को फिल्मों में भी लिखता पाते हैं
अपनी रचनाओं पर तो सब दाद खुश हो के लें लेते हैं
औरों की कविताओं पर कोई बात को ना वो कहते हैं
एक बार अगर कुछ को आयोजक कविता पढ़ने देते है
फ़िर तो भैया औरों को वो आसानी से चढ़ने ना देते है
सबकी कविताओं का संदेश कुछ इस तरह से फैला हो
औरों को भी जगह मिलें व सहित्य का सर ना मैला हो.

शिशिर मधुकर

14 Comments

  1. shivdutt 10/05/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/05/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 10/05/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  4. आभा Abha.ece 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  5. C.M. Sharma babucm 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/05/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  7. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/05/2016

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