‘इंतजार किया ‘

जब जब रात ढली सुबह का इंतजार किया • • •
दुर जब गये तुम मुलाकात का इंतजार किया • • • •
लगा कि अभी दूर गये हो
और अभी लौट आओगे,
बस एक भरम मे हमने सारी उम्र गुजार दिया ।

वफाओ का सिलसिला इस कदर चलता रहा • • •
न लौट कर आए तुम,
न भुला सके तुम्हे • • •
इन तलब भरी निगाहो ने हर पल तुमपे वार दिया ।

जग सारा सोता रहा • • ••
और हम जागते रहे • • •
सुनसान सी गली को तुम्हारी आहट पाने को ताकते रहे ,
बेपनाहिओ के मंजर मे तुम्हारी यादो से मन को करार दिया ।

जब दिल ही न रहा बस मे • • •
तो जिंदगी का क्या • • •
बस यही सोच कर सारी उम्र तेरा इंतजार किया । ।

काजल सोनी

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 11/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/05/2016
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 12/05/2016

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