मसरूफ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मसरूफ

सुबह होते ही तेरी याद ………………….
कुछ ज़्यादा ही तड़पाने लगती है
क्योंकि रात भर तो रहता हूँ मसरूफ
बस तेरे ही ख्वाबों में ………………………..

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

6 Comments

  1. babucm babucm 10/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/05/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/05/2016
  4. sarvajit singh sarvajit singh 12/05/2016

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