बेगाना – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

बेगाना

दिल तो पागल है ………………
जो हुस्न को देख के दीवाना हो जाता है
कितना भी सम्भालो इसे ……………….
इक पल में बेगाना हो जाता है

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

8 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 09/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/05/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 09/05/2016
  4. C.M. Sharma babucm 10/05/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/05/2016

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