“सफर….एक ज़िन्दगी” SMOKE Edition MY POEM 7 AUG, 2011

ज़िन्दगी एक सुहानी सफर थी…
विवशताओं से गुजरती डगर थी…

कही ऊंची राहों कहीं गर्त ने घेरा…
उसके अनछुए स्पर्श में लीन ह्रदय मेरा…

जरूरी नही उस रिश्ते की वजह हो….
भावनाओ की ह्रदय में उमड़ी वो भ्रमर थी…
क्योंकी ….ज़िन्दगी एक सुहानी सफर थी…!!

सिगरेट के धूंये में उड़ती जवानी…
यही थी कहानी सुहानी दिवानी…

ये धूप काजाना सुहाना मौसम आना…
खींच लाता मन में यादों की सुनामी…

भला अब उंगलियों के दरम़ियां कलम कैसे होती…
खयालों में वो यादो की मल्लिका कैसे सोती…

यादों को धूमिल करने की सिगरेट एक मीठी ज़हर थी…
क्योंकी ….ज़िन्दगी एक सुहानी सफर थी…..!!

यादो में कटती ये हसी जिन्दगानी…
धूंये से लिखती विकास की कहानी….

ये कागज की रानी का जादू निराला…
लहरो मे डगमगाती कश्ती को मेरे सम्भाला…

मोहब्बत के समंदर की दबी ये लहर थी…
क्योंकी… ज़िन्दगी एक सुहानी सफर थी…!!!

#DEDICATED TO MY TANAHAI KI SAATHI “GOLD FLAKE”#
vvvvvv

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