” न सके “

कहे जो लब्ज तुमने,
उसे कागज पर उतार न सके ।

दिल ने लिया जिसका नाम,
होठो से उसे पुकार न सके ।

थी कुछ रंज इस मोहब्बत मे,
थी कुछ कशिश इस चाहत मे ,

तभी तो आपने सब जीत लिया,
यु ही इस खेल मे दिल हार न सके ।।

काजल सोनी

4 Comments

  1. babucm babucm 10/05/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/05/2016
  3. Kajalsoni 10/05/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/05/2016

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