सूरज उगने के संग ही

सूरज उगने के संग ही,
आसमां में खो जाती है,
प्यारी-सी आवाज सुनाकर,
खुश बहुत वो करती है ,
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहुत लुभाती है।
नन्हें-नन्हें पंखों से,
जब आँगन में आती है,
धीरे-से दाना लेकर,
जल्दी से उड़ जाती है,
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहुत लुभाती है।
किसी पेड़ पर जब अपना,
नीङ वो बनती है,
सारा जहां घूमकर,
वापिस घर फिर जाती है,
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहुत लुभाती है।
प्यारी-सी चिड़िया मेरी,
मन को बहूत लुभाती है।

2 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 09/05/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016

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