न मेँ जानू न तू

आज़ाद या बंदिश
क्या दे रहा तू
किसकी है ये साजिश
न मेँ जानू न तू

नज़दीकी या दूरी
क्या सौंप रहा तू
किस्मत की ये मंज़ूरी
न मैं चाहूँ न तू

दर्द या सुकून
क्या मांग रहा तू
ये रिश्ता बन गया जूनून
न मैं मानूँ न तू …….

swati naithani

3 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 09/05/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/05/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/05/2016

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